DOHA 17

जिन घर साधू न पुजिये, घर की सेवा नाही।

ते घर मरघट जानिए, भुत बसे तिन माही।

MEANING

कबीर दास जी कहते हैं कि जिस घर में साधु और सत्य की पूजा नहीं होती, उस घर में पाप बसता है। ऐसा घर तो मरघट के समान है जहाँ दिन में ही भूत प्रेत बसते हैं।