DOHA 145

साधु भूखा भाव का धन का भूखा नाहीं।

धन का भूखा जो फिरै सो तो साधु नाहीं।

MEANING

साधु का मन भाव को जानता है, भाव का भूखा होता है, वह धन का लोभी नहीं होता जो धन का लोभी है वह तो साधु नहीं हो सकता!